रिलीज डेट: 12 जून 2026
26/11 मुंबई आतंकी हमलों पर कई फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बन चुकी हैं, लेकिन ‘भारत भाग्य विधाता’ उन डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों की कहानी सामने लाती है, जिनकी बहादुरी अक्सर चर्चा से दूर रह गई। फिल्म कामा अस्पताल के भीतर घटित घटनाओं और मरीजों की जान बचाने के लिए किए गए संघर्ष को भावनात्मक और संवेदनशील तरीके से पेश करती है।
कंगना रनोट का सधा हुआ अभिनय
फिल्म में कंगना रनोट एक नर्स की भूमिका में नजर आती हैं। उन्होंने अपने किरदार को सादगी और गंभीरता के साथ निभाया है। बिना अधिक नाटकीयता के वह डर, साहस और जिम्मेदारी की भावनाओं को प्रभावी ढंग से दर्शाने में सफल रहती हैं। सहायक कलाकारों का अभिनय भी कहानी को मजबूती देता है और घटनाओं को वास्तविकता के करीब ले जाता है।
निर्देशन और प्रस्तुति बनी फिल्म की ताकत
निर्देशक मनोज तापड़िया ने 26/11 की त्रासदी को सनसनीखेज बनाने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, अस्पताल का वातावरण और तनावपूर्ण दृश्य दर्शकों को कहानी से जोड़े रखते हैं। हालांकि फिल्म का शुरुआती भाग थोड़ा धीमा महसूस हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, भावनात्मक प्रभाव और रोमांच दोनों बढ़ते जाते हैं।
देखनी चाहिए या नहीं?
यदि आप सच्ची घटनाओं पर आधारित, भावनात्मक और प्रेरणादायक फिल्मों के शौकीन हैं तो ‘भारत भाग्य विधाता’ आपके लिए एक अच्छी पसंद हो सकती है। यह फिल्म 26/11 के उन अनसुने नायकों को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा की। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
