उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का औपचारिक शुभारंभ हो गया। लखनऊ से इंडिगो की पहली उड़ान के आगमन पर विमान का पारंपरिक वॉटर सैल्यूट देकर स्वागत किया गया। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने उड़ानों को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के विमानन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
उद्घाटन के अवसर को खास बनाने के लिए करीब 170 किसानों के लिए एक विशेष उड़ान संचालित की गई। ये वे किसान हैं जिनकी जमीन पर इस महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट परियोजना का निर्माण हुआ है। किसानों को अधिकारियों के साथ विशेष यात्रा कराई गई और उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का अवसर भी मिला। कई किसानों ने इसे अपने जीवन का ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया। उनका कहना था कि जिस भूमि पर कभी खेती होती थी, आज वहां देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक खड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च 2026 में उद्घाटित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में इसकी क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। भविष्य में विस्तार के बाद यह क्षमता कई गुना बढ़ाई जाएगी। एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देगी। एयरपोर्ट के संचालन से जेवर और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
