जम्मू-कश्मीर में आयोजित वार्षिक खीर भवानी मेले में हजारों कश्मीरी पंडित श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु माता राग्न्या भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए घाटी के विभिन्न मंदिरों में पहुंचे। यह मेला कश्मीरी पंडित समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है।
इस वर्ष मेले के लिए जम्मू से बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष बसों के जरिए घाटी पहुंचे। मेले का मुख्य आयोजन गंदेरबल जिले के तुलमुला स्थित खीर भवानी मंदिर में हुआ, जहां सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
वहीं ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर जम्मू के जानीपुर स्थित खीर भवानी मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ मेले का आयोजन किया। यह मंदिर श्रीनगर के प्रसिद्ध खीर भवानी मंदिर की प्रतिकृति है, जिसका निर्माण 1990 के दशक में पलायन के बाद कश्मीरी प्रवासियों द्वारा कराया गया था।

प्रशासन के अनुसार, मेले के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सुरक्षा, आवास, परिवहन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि कश्मीरी पंडित समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
