मध्य प्रदेश सरकार यूनिफाइड इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) के माध्यम से प्रदेश के सबसे बड़े क्षेत्रीय विकास मॉडल को आकार दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन के अनुरूप तैयार की जा रही है।
UIMR के तहत इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों की 38 तहसीलों और 2781 गांवों को शामिल किया गया है। परियोजना का दायरा 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला होगा, जहां करीब 1.25 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना, नए औद्योगिक पार्क विकसित करना और ऐसी कनेक्टिविटी तैयार करना है जिससे प्रमुख शहरों और कस्बों के बीच 60 मिनट के भीतर आवागमन संभव हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह देश का एक अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल होगा, जिसमें विकास के साथ किसानों और स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि UIMR परियोजना मालवा क्षेत्र को औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास की नई पहचान देगी तथा विकसित मध्य प्रदेश के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
