गुजरात स्नूपगेट मामले में सबसे ज्यादा चर्चा दो बातों की हुई। पहली बात महिला का नाम और दूसरी बात उसे अगवा करने का आरोप।
कुछ वेबसाइट्स ने दावा किया कि महिला का नाम मानसी सोनी है। टेप में अमित शाह ने IPS अफसर को कहा कि लड़की को एयरपोर्ट से पिक करो और होटल के बाहर निगरानी रखो। इसी आधार पर आरोप लगा कि लड़की को पुलिस ने कई दिन तक अपने कब्जे में रखा।
लेकिन कानूनी स्थिति यह है कि आज तक न कोर्ट ने न सरकार ने न महिला के परिवार ने मानसी सोनी नाम की पुष्टि की है। महिला खुद कभी सामने नहीं आई और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई। पिता ने राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखकर कहा कि कोई उल्लंघन नहीं हुआ और जांच बंद की जाए।
अगवा करने का आरोप भी कोर्ट में साबित नहीं हुआ। टेप में निगरानी की बात है पर गैरकानूनी हिरासत का कोई सबूत नहीं मिला। गुजरात हाईकोर्ट ने जांच रोक दी क्योंकि कथित पीड़ित ही केस नहीं चाहती थी। UPA सरकार ने भी जांच आयोग बनाने का फैसला वापस ले लिया।
इसलिए जासूसी हुई यह टेप से साफ है। पर मानसी सोनी नाम और बंधक बनाने वाली बातें सिर्फ आरोप हैं। ये आरोप कानूनी रूप से साबित नहीं हुए क्योंकि कोई FIR नहीं हुई और कोई गवाह सामने नहीं आया।
