News by : Aazam lala
इंतजार कभी खत्म ही न हुआ | इंतजार की घड़ी की एक दस्तक सुनाई दी तालाब ने निगल ली उनके दो आंखों के तारों की मासूम ज़िंदगियाँ |
राहुल नगर मौजमपुर की रात मातम में बदल गई, जब एक तालाब ने खेलते-कूदते दो मासूम किशोरों को हमेशा के लिए अपने आगोश में ले लिया। हँसी-खुशी से भरे दो घरों में अब सिर्फ सिसकियाँ, आहें और बिछड़ने का दर्द बाकी है। मृतकों की पहचान अमन वाल्मीकि (15 वर्ष) और जय नागले (14 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों किशोर मासूमियत से नहाने के लिए तालाब में उतरे थे, लेकिन किसे मालूम था कि पानी की शांत सतह के नीचे मौत उनका इंतज़ार कर रही है।
रात गहराती रही, उम्मीदें टूटती रहीं और परिजनों की आँखें अपनों की एक झलक के लिए नम रहीं। आखिरकार देर रात करीब 12 बजे रेस्क्यू टीम ने अथक प्रयासों के बाद दोनों किशोरों के शव तालाब से बाहर निकाले। दोस्त थे, हमउम्र थे, सपनों से भरे थे… लेकिन एक पल की अनहोनी ने उनकी ज़िंदगी की किताब हमेशा के लिए बंद कर दी। आज राहुल नगर मौजमपुर की हवा भी ग़मगीन है, गलियाँ खामोश हैं और हर आँख नम है।
“कुछ हादसे सिर्फ जान नहीं लेते, पूरे मोहल्ले की मुस्कान छीन लेते हैं”।
