न्यूज बाय : अनुराधा दुबे
30 मई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती का रुख देखने को मिला। सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच कारोबार के दौरान सोने के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में तेजी का माहौल दिखाई दिया। निवेशकों और खरीदारों की नजरें अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर टिकी रहीं, जिसका सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से सोने को समर्थन मिला। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर सोना निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
इस दौरान भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 200 से 400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। हालांकि अलग-अलग शहरों और बाजारों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला, लेकिन अधिकांश स्थानों पर सोना मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी बाजार को सहारा देने का काम किया।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रमों का प्रभाव अब पहले से कहीं अधिक तेजी से भारतीय बाजार पर दिखाई देता है। वैश्विक अनिश्चितताओं, डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय मांग के आधार पर आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में सकारात्मक संकेत बने रहते हैं और डॉलर पर दबाव जारी रहता है, तो सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है। ऐसे में निवेशक और खरीदार दोनों बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए आर्थिक अनिश्चितता के दौर में इसकी मांग बढ़ने की संभावना भी बनी रहती है।
