न्यूज बाय : प्रियंका सिंह
भारतीय महिला कुश्ती की स्टार पहलवान Vinesh Phogat ने दो साल बाद मैट पर शानदार वापसी करते हुए अपनी जीत से एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। लंबे अंतराल के बाद प्रतियोगिता में उतरी विनेश ने अपने मुकाबले में 7-1 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की और दिखा दिया कि उनका जज्बा, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना आज भी पहले जैसी मजबूत है।
इस मुकाबले में उनका सामना हरियाणा की ही प्रतिभाशाली पहलवान Jyoti से हुआ। दोनों खिलाड़ी देश की बेटियां हैं और दोनों ने पूरे दमखम के साथ मुकाबला लड़ा। ज्योति ने भी संघर्ष किया, लेकिन विनेश का अनुभव, तकनीक और मानसिक मजबूती उनके ऊपर भारी पड़ी। 7-1 का स्कोर यह दर्शाता है कि विनेश ने वापसी के लिए कड़ी तैयारी की थी और वह पूरी तरह तैयार होकर मैट पर उतरी थीं।
यह जीत केवल एक मुकाबला जीतने भर की कहानी नहीं है। पिछले दो वर्षों में विनेश फोगाट ने खेल से जुड़े कई विवादों, संघर्षों और चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने खिलाड़ियों के अधिकारों और अपनी बात को लेकर खुलकर आवाज उठाई, जिसके चलते उनका खेल करियर भी प्रभावित हुआ। ऐसे दौर के बाद दोबारा मैट पर लौटकर जीत हासिल करना उनके साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।
वहीं ज्योति के लिए भी यह मुकाबला सीख और अनुभव से भरा रहा। किसी बड़े और अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ खेलना युवा खिलाड़ियों को और मजबूत बनाता है। हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसे मुकाबले भविष्य के लिए नई प्रेरणा देते हैं। ज्योति ने भी अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि आने वाले समय में वह भारतीय कुश्ती में बड़ी पहचान बना सकती हैं।
विनेश की यह वापसी भारतीय खेल जगत के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर हौसले मजबूत हों तो वापसी हमेशा संभव है। यही कारण है कि आज देश को विनेश और ज्योति दोनों पर गर्व है।
