भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वयंसेवक एवं साहू समाज के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र साहू का मानना है कि “इंसानियत की ख़िदमत ही सबसे बड़ा धर्म है।” इसी जज़्बा-ए-ख़िदमत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने “सेवा भारती” नामक एनजीओ की बुनियाद रखी, जिसका मकसद समाज के गरीब, बेसहारा और ज़रूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना है।
सत्येंद्र साहू का कहना है कि आज समाज में ऐसे हजारों लोग मौजूद हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी, पहनने के लिए कपड़े और बुनियादी सहूलियतें तक मयस्सर नहीं हैं। ऐसे में सिर्फ भाषण देने या तस्वीरें खिंचवाने से समाज नहीं बदलता, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि “सेवा भारती” के ज़रिए गरीब परिवारों तक कपड़े, खाना और रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही बेसहारा लोगों की मदद, बीमार और ज़रूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाना भी संस्था का अहम मकसद है।
सत्येंद्र साहू ने कहा कि असली सेवा वही है जो बिना किसी दिखावे और स्वार्थ के की जाए। उनका मानना है कि मज़हब, जाति और सियासत से ऊपर उठकर इंसानियत की मदद करना ही सबसे बड़ी इबादत है।
उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आकर गरीबों और मजबूर तबकों की मदद करनी चाहिए, ताकि कोई भी इंसान भूखा या बे-सहारा महसूस न करे।सामाजिक हलकों में सत्येंद्र साहू के इस सेवा भाव की चर्चा हो रही है और लोग इसे समाज के लिए एक सकारात्मक पहल मान रहे हैं।
