क्या शहबाज़ शरीफ़ बना अमेरिका का चमचा ?
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
News100 के लिए
सऊदी अरब से 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता के बाद, अमेरिका ने पाकिस्तान को 2.4 बिलियन डॉलर का आर्थिक “इनाम” दिया है। यह एयरपोर्ट डील अमेरिकी कंपनी Securiport के जरिए पाकिस्तान के बड़े एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा सिस्टम, बायोमेट्रिक e-gates और एडवांस स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी लगाने की योजना है।
इस डील से 1000+ स्थानीय लोगों को रोजगार और ट्रेनिंग मिलेगी, और 25 साल में सिक्योरिटी फीस से लागत वसूली होगी। पाकिस्तान की “मध्यस्थ” भूमिका के चलते डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने में चैनल का काम किया।
आलोचक इसे शहबाज़ शरीफ़ की अमेरिकी हितों के करीब जाने की कोशिश मान रहे हैं, और उन्हें “अमेरिका का चमचा” कह रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों के चलते 2025 में $500 मिलियन का खनिज समझौता हुआ था। यह पूरा घटनाक्रम बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का संकेत है, जहां पाकिस्तान की भूमिका एक “मध्यस्थ” से बढ़कर अमेरिका के करीबी साझेदार जैसी दिखाई दे रही है।
