नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026: केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ब्लैक मनी पर सख्ती के दावे कर रही हैं। 2016 की नोटबंदी को पहला कदम बताते हुए सरकार कहती है कि इससे कैश आधारित सिस्टम टूटा और टैक्स बेस बढ़ा।
वहीं यूपी सरकार ने माफियाओं की हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त करने, बेनामी मामलों में कार्रवाई और जीएसटी घोटालों पर छापों के जरिए “रिकवरी मॉडल” लागू करने का दावा किया है।
केंद्र का कहना है कि डिजिटल पेमेंट, फेसलेस टैक्स, फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई और ग्लोबल डेटा शेयरिंग से अब ब्लैक मनी बनने के रास्ते बंद किए जा रहे हैं।
हालांकि विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आरबीआई के अनुसार 99% नोट वापस आ गए, तो काला धन खत्म कैसे हुआ? साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और स्विस बैंकों में बढ़ती रकम को लेकर भी सरकार को घेरा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है।
न्यूज: अनुराधा दुबे
