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नई दिल्ली, 6 मई 2026 — भारतीय सेना के गौरवशाली सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर की आज पहली वर्षगांठ पूरे देश में गर्व, सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर देशभर में शहीद जवानों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेना के साहस, रणनीतिक क्षमता और अदम्य पराक्रम को याद करते हुए राष्ट्र ने उन वीर योद्धाओं को नमन किया, जिन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
रक्षा मंत्रालय ने इस अवसर पर जारी बयान में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है, जिसने देश की आन-बान-शान को अक्षुण्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना ने इस अभियान के जरिए दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है।
5 मई 2025 को भारतीय सेना ने सीमा पार सक्रिय आतंकी ठिकानों के खिलाफ सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। सैन्य सूत्रों के अनुसार यह अभियान अत्यंत गोपनीय रणनीति, आधुनिक तकनीक और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर संचालित किया गया था। इस ऑपरेशन में आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया और कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया था।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में रक्षा मंत्री ने शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे और उन्होंने वीर सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें सलाम किया। समारोह में सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। पूरे वातावरण में देशभक्ति और गर्व का भाव देखने को मिला।
Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। हमारे पराक्रमी योद्धाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करता।” वहीं रक्षा मंत्री ने भी कहा कि भारतीय सेना का शौर्य और अनुशासन देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है और ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों को साहस और देशभक्ति का संदेश देता रहेगा।
ऑपरेशन सिंदूर को वर्ष 2025 में आतंकवाद विरोधी अभियान के रूप में अंजाम दिया गया था। सैन्य इतिहासकारों का मानना है कि यह अभियान आने वाले वर्षों में भारतीय सैन्य रणनीति और निर्णायक कार्रवाई के उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा। इस ऑपरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने सेना के शौर्य और बलिदान को याद किया। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। देशवासियों ने एक स्वर में कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम राष्ट्र का गौरव है और हर भारतीय को अपने सैनिकों पर गर्व है।
न्यूज बाय: अनुराधा दुबे
