न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हाल के दिनों में यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने के लिए करीब 12 बिलियन डॉलर मूल्य का कई टन सोना बेच दिया है। इस दावे ने निवेशकों, आर्थिक मामलों के जानकारों और आम लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए। हालांकि अब इस पूरे मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट जवाब देते हुए स्थिति साफ कर दी है।
RBI ने आधिकारिक रूप से कहा है कि उसके स्वर्ण भंडार में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है और सोना बेचने संबंधी खबरें भ्रामक तथा तथ्यहीन हैं। केंद्रीय बैंक के अनुसार भारत का भौतिक स्वर्ण भंडार वर्तमान में 880.52 टन पर यथावत बना हुआ है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दरअसल कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि रुपये पर दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचकर विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने का प्रयास किया है। लेकिन RBI ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनता को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। पिछले कुछ वर्षों में RBI लगातार अपने स्वर्ण भंडार को मजबूत कर रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार के विविधीकरण की रणनीति के तहत भारत ने सोने की हिस्सेदारी बढ़ाई है। RBI के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 में 13.92 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत और मई 2026 में 16.85 प्रतिशत तक पहुंच गई।
हाल ही में RBI ने अपने स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा विदेशों से भारत के सुरक्षित भंडारण केंद्रों में भी स्थानांतरित किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्रीय बैंक सोने के भंडार को कम करने के बजाय उसकी सुरक्षा और प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर सही नहीं होती। कई बार अधूरी जानकारी या अनुमान आधारित रिपोर्टें भ्रम पैदा कर देती हैं। ऐसे मामलों में RBI, वित्त मंत्रालय और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) जैसे आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि RBI द्वारा 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचने का दावा सही नहीं है। भारत का स्वर्ण भंडार सुरक्षित है और देश की विदेशी मुद्रा स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। इसलिए अफवाहों और अपुष्ट दावों के बजाय प्रमाणित तथ्यों पर भरोसा करना ही समझदारी है।
