CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, निगम-बोर्ड अध्यक्षों से बोले- फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम
बुरहानपुर जिले में हाल ही में आए आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर जिले के केला उत्पादक किसानों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति रखते हुए प्रभावित किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने, लंबित मुआवजा राशि का भुगतान करने तथा जिले में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की मांग की।
बुरहानपुर जिला प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख केला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां हजारों किसान अपनी आजीविका के लिए केले की खेती पर निर्भर हैं। लेकिन हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान और असमय बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में तेज हवाओं के कारण केले के पौधे खेतों में धराशायी हो गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने बताया कि जिले के अनेक गांवों में किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। विशेष रूप से केला उत्पादकों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी फसल नष्ट होने से किसानों के सामने कर्ज, उत्पादन लागत और भविष्य की खेती को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

सांसद ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि लगभग ढाई माह पूर्व आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कई किसानों को अब तक राहत राशि नहीं मिल सकी है। उन्होंने मांग की कि पूर्व में स्वीकृत मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। इसके साथ ही वर्तमान आपदा से हुए नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान सांसद पाटील ने जिले में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को बार-बार नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में मौसम आधारित बीमा योजना किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान कर सकती है और आपदा की स्थिति में उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी किसान को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य की रिपोर्ट प्राप्त होते ही पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर जिले के किसान भाइयों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश भी जारी किया। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
लगातार प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार झेल रहे बुरहानपुर के केला किसानों के लिए यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले के किसान अब सरकार की आगामी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। किसानों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि सर्वे कार्य जल्द पूरा हो, राहत राशि समय पर मिले और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए फसल बीमा जैसी प्रभावी योजनाओं का लाभ उन्हें प्राप्त हो सके।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री स्तर पर हुए इस महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के बाद प्रभावित किसानों को राहत कब तक मिल पाती है और सरकार उनकी मांगों पर कितना शीघ्र अमल करती है।

