ओडिशा की एक घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जीतू मुंडा को अपनी मृत बहन का कंकाल कंधे पर लाकर बैंक में रखना पड़ा, सिर्फ इसलिए कि वह उसकी मौत को साबित कर सके।जीतू की बहन के खाते में 19,300 रुपए थे, जिसे निकालने के लिए बैंक ने उनसे तमाम कागजात मांगे और यहां तक कि बहन को खुद बैंक में लाने को कहा।क्या ऐसे बैंक अधिकारियों के खिलाफ़ मुक़दमा होना चाहिए? ऐसे अधिकारियों के खिलाफ़ सरकार क्या कदम उठाएगी? क्या गरीबों का ऐसे ही शौषण होता रहेगा?यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। गरीबों की आवाज सुनने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की जरूरत है।
NEWS BY : RAZA LALA
