पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने के अल्टीमेटम के बीच कई शहरों से आपत्तिजनक नारेबाजी और गतिविधियों के मामले सामने आए हैं, जिन पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है।
भोपाल में “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाने के आरोप में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त संदेश देने के लिए उनका जुलूस निकाला। वहीं आजमगढ़ में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इसी तरह बेंगलुरु में फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ माहौल को रोकने के लिए पुलिस “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। गंभीर मामलों में UAPA जैसी कड़ी धाराएं भी लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही इंटेलिजेंस एजेंसियां जैसे Intelligence Bureau (IB) और Anti-Terrorism Squad (ATS) के साथ मिलकर ग्राउंड लेवल पर निगरानी और स्कैनिंग को तेज किया गया है।
इसी क्रम में बुलंदशहर और झारखंड में छिपे पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी भी सामने आई है, जिससे स्पष्ट है कि सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर काम कर रही हैं।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस 1 मई की तय डेडलाइन तक सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर भेजने पर है, साथ ही किसी भी प्रकार की असामाजिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
न्यूज बाय – सबीहा खान
