छोटे आकार का लेकिन अद्भुत क्षमता वाला शिकारी पक्षी Amur Falcon एक बार फिर अपनी हैरान कर देने वाली प्रवासी यात्रा को लेकर चर्चा में है। महज लगभग 150 ग्राम वजन वाला यह पक्षी हजारों किलोमीटर की दूरी बिना रुके तय करने की क्षमता रखता है। इस बार “अपापांग” नाम के नर अमूर फाल्कन ने सोमालिया से बिहार के गया तक करीब 4,750 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 95 घंटों में पूरी कर वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया।
वैज्ञानिकों ने इस पक्षी पर सैटेलाइट टैग लगाया था, जिसके जरिए इसकी पूरी यात्रा पर नजर रखी गई। यह पक्षी लगातार उड़ते हुए अरब सागर को पार कर भारत पहुंचा। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी लंबी दूरी बिना आराम के तय करना किसी छोटे पक्षी के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। खास बात यह रही कि पूरी यात्रा के दौरान यह पक्षी बिना भोजन और पानी के उड़ता रहा तथा अपने शरीर में जमा चर्बी को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता रहा।
भारत में इसकी पहली लैंडिंग वाराणसी के आसपास दर्ज की गई, जिसके बाद यह बिहार के गया क्षेत्र के जंगलों तक पहुंच गया। इससे पहले नवंबर महीने में भी इसी अमूर फाल्कन ने लगभग 6,100 किलोमीटर की दूरी केवल 6 दिनों में तय कर रिकॉर्ड बनाया था। इसकी तेज रफ्तार और दिशा पहचानने की क्षमता वैज्ञानिकों के लिए शोध का महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है।
अमूर फाल्कन हर साल पूर्वी एशिया से दक्षिण अफ्रीका तक लंबा प्रवास करता है। यह दुनिया के सबसे लंबी दूरी तय करने वाले प्रवासी पक्षियों में गिना जाता है। कुछ साल पहले पूर्वोत्तर भारत में इन पक्षियों का बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता था, लेकिन संरक्षण अभियानों और जागरूकता के बाद अब इनकी सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है। स्थानीय समुदायों और वन विभाग की पहल से इन प्रवासी मेहमानों को सुरक्षित वातावरण मिल रहा है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
