ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से भगवान Hanuman की पूजा और भक्ति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से बजरंगबली की आराधना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और भक्तों को साहस, शक्ति, आत्मविश्वास तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
बड़े मंगलवार के अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। भक्त भगवान हनुमान को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर सुंदरकांड और Hanuman Chalisa का सामूहिक पाठ भी किया जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है।
इस दिन भंडारे और सेवा कार्यों का भी विशेष महत्व होता है। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शरबत, प्रसाद और भोजन वितरण किया जाता है। इसे सेवा और पुण्य का कार्य माना जाता है। लोग अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार गरीबों व जरूरतमंदों की सहायता भी करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर व्रत रखने और हनुमान जी का ध्यान करने से भय, नकारात्मकता और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि इस दिन मंदिरों में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों के साथ भक्तों की आस्था अपने चरम पर दिखाई देती है।
