NEET UG 2026 परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, जिस ‘गेस पेपर’ को लेकर विवाद खड़ा हुआ, उसकी शुरुआत केरल से हुई और देखते ही देखते यह राजस्थान के सीकर, जयपुर, झुंझुनूं और चूरू तक पहुंच गया। मामले ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह परीक्षा मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का सबसे बड़ा माध्यम मानी जाती है।
सूत्रों के मुताबिक चूरू जिले का एक छात्र, जो केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है, उसने 1 मई को कथित प्रश्नपत्र की कॉपी सीकर में अपने एक परिचित को भेजी। इसके बाद यह सामग्री सीकर के एक PG संचालक तक पहुंची, जहां से वहां रहने वाले छात्रों के बीच इसे साझा किया गया। धीरे-धीरे यह ‘गेस पेपर’ व्हाट्सएप ग्रुपों, सोशल मीडिया और ई-मित्र केंद्रों के जरिए कई जिलों में फैल गया। बताया जा रहा है कि छात्रों ने इसकी फोटोकॉपी करवाकर आगे भी बांटी।
मामले में सबसे बड़ा दावा यह किया जा रहा है कि कथित गेस पेपर के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि कर रही हैं। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
Rajasthan Police की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) इस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब तक 15 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है और सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड तथा डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह सिर्फ एक ‘गेस पेपर’ था या वास्तव में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुआ था।
इस पूरे मामले ने करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विपक्षी नेताओं और शिक्षा विशेषज्ञों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। Priyanka Gandhi ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बेहद गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में साइबर निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और पेपर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
