News by Azam Lala
उन्नाव। सफ़र मंज़िल तक पहुंचने के लिए शुरू हुआ था, मगर गंगा एक्सप्रेस-वे पर कुछ ही लम्हों में चार घरों के चिराग़ बुझ गए। तेज़ रफ़्तार कार एक खड़े ट्रक से ऐसी टकराई कि लोहे का ढांचा मलबे में तब्दील हो गया और कार में सवार चार नौजवानों की ज़िंदगी वहीं थम गई।
शुक्रवार शाम आसिवन इलाके के नंगा खेड़ा गांव के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर यह दर्दनाक हादसा पेश आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ कार बहुत तेज़ रफ़्तार में थी और सड़क किनारे खड़े ट्रक को चालक आख़िरी वक़्त तक देख नहीं सका। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि कार के परखच्चे कई मीटर दूर तक बिखर गए।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कुछ पल के लिए ऐसा मंज़र था मानो सड़क पर किसी विस्फोट के बाद का दृश्य हो। चारों युवकों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया।
यूपीडा और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात बहाल किया गया, जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में तेज़ रफ़्तार को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हादसा सिर्फ़ एक खबर नहीं
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि एक्सप्रेस-वे की खुली और चौड़ी सड़कें अक्सर चालकों को रफ़्तार बढ़ाने के लिए उकसाती हैं, लेकिन एक छोटी सी चूक कई परिवारों को उम्रभर का ग़म दे सकती है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि तेज़ रफ़्तार, थकान और लापरवाही का मेल अक्सर ऐसे ही दर्दनाक अंजाम तक पहुंचता है।
“रफ़्तार जब हद पार कर जाए, तो मंज़िल नहीं, मातम इंतज़ार करता है।”
