प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 19 जून को e-Forensics 2.0 ऐप लॉन्च किया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, जांच एजेंसियों और अदालतों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को बढ़ावा देकर आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है।

e-Forensics 2.0 के जरिए जांच एजेंसियों, फोरेंसिक लैब और न्यायालयों के बीच सूचनाओं का रियल-टाइम आदान-प्रदान संभव होगा। इससे जांच प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक बनेगी। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
नई प्रणाली में इंटर-लैब केस ट्रांसफर, डिजिटल ट्रैकिंग, केस मॉनिटरिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे मामलों में होने वाली देरी कम होगी और अभियोजन प्रक्रिया की हर कड़ी आपस में जुड़ सकेगी।

सरकार का मानना है कि e-Forensics 2.0 वैज्ञानिक जांच को मजबूती देने, दोषियों को सजा दिलाने और नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
