कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में बेनामी संपत्ति रखने के आरोप लगाया था। इसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई |
विवाद का आधार: पवन खेड़ा ने हिमंत की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था इस के बाद आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई सुप्रीम कोर्ट सामने से सवाल क्या राजनीतिक बयानबाजी IPC 499/500 के दायरे में आती है? क्या आरोप लगने से पहले तथ्य – सत्यापन की जिम्मेदारी बनती है अंतरिम राहत मिलती है या फिर केस ट्रायल कोर्ट में चलेगा कांग्रेस की रणनीती हिमंता बिस्वा शर्मा BJP के बड़े चेहरे हैं और पूर्वोत्तर में पार्टी के मुख्य रणनीतीकार। उन पर हमला कर कांग्रेस असम BJP को घेरना चाहती है।
BJP का काउंटर : मानहानि केस को झूठी राजनीति का जवाब बता रही है। वहीं हिमंता की पत्नी द्वारा केस करना संदेश है कि परिवार पर आरोप बर्दाश्त नहीं। लोक सभा चुनाव के बाद अब यह केस दोनों पक्षों के लिए नैरेटिव वॉर का हिस्सा बन गया है
पवन खेड़ा के खिलाफ पहले असम के अलावा लखनऊ, और वाराणसी में भी FIR हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2023 में उन्हें अंतिम जमानत देकर सभी FIR को क्लॉज कर दिया था अब ताजा याचिका उसी राहत को बढ़ाने या नियमित रूप से जमानत के लिए है। अगर SC जमानत देता है तो नेताओं के खिलाफ एक साथ कई FIR दर्ज करने की प्रैक्टिस पर असर पड़ता है |
न्यूज बाय अनुराधा दुबे
