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भोपाल में 5 मई 2026 को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में “इंडिया से भारत : एक प्रवास” पुस्तक का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन प्रज्ञा प्रवाह के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक पहचान, वैचारिक यात्रा और ‘इंडिया’ से ‘भारत’ तक के परिवर्तन पर व्यापक संवाद स्थापित करना था।
इस अवसर पर पुस्तक के लेखक प्रसांत पोत ने अपने लेखन के पीछे की प्रेरणा और पुस्तक के मूल भाव को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह कृति केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय समाज, संस्कृति और मूल्यों की गहराई से समझने का एक प्रयास है। उनके अनुसार, ‘इंडिया’ और ‘भारत’ के बीच का अंतर केवल नाम का नहीं, बल्कि सोच, परंपरा और जीवन दृष्टि का भी है।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने भी पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में भारतीयता की जड़ों को समझना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। पुस्तक को इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है और उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक बनाती है।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया गया और इसके बाद एक विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने पुस्तक से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम रहा, बल्कि भारतीयता और सांस्कृतिक चेतना पर गंभीर मंथन का मंच भी बना।
न्यूज बाय – पंकज कुमार
