नई दिल्ली, 9 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एक कार्यक्रम में जनता से त्याग की अपील करते हुए कहा – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो” । इस बयान के बाद सियासी घमासान। तेज हो गया।
- त्याग की अपील: PM ने आयात बिल और व्यापार घाटा कम करने के लिए जनता से गैर-जरूरी खर्च टालने* को कहा। सोना, विदेश यात्रा, पेट्रोल की खपत घटाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह दी।
- तर्क: कहा गया – देशहित में छोटे त्याग बड़े बदलाव लाते हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी।
छोटा त्याग बड़ा बदलाव तो हो सकता है पर व्यक्ति वही त्याग सकता है जो जरूरी नहीं है। पर यैसा क्या है जो जरूरी नहीं जो जादा पढ़ा लिखा नहीं है वह घर से काम कैस कर सकता है वह कैसे पेट्रोल बचा सकते है
विपक्ष का पलटवार :-
विपक्षी नेताओं ने इसे ‘सरकार की नाकामी छुपाने का उपदेश’ बताया। बयान जारी कर कहा – ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। महंगाई, बेरोजगारी, डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया संभाल नहीं पाए, तो जनता को त्याग का पाठ पढ़ा रहे हैं।
न्यूज बाय
अनुराधा दुबे
