जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने वालों से आधार कार्ड मांगे जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए पूछा गया कि आखिर किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आधार कार्ड की जरूरत क्यों पड़ रही है।
आलोचकों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होने का कोई नियम नहीं है। साथ ही सवाल उठाया गया कि क्या राजनीतिक रैलियों, खासकर BJP की सभाओं में भी लोगों से आधार कार्ड मांगा जाता है।
यह भी आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस आधार कार्ड को बहाना बनाकर लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने और प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है।
