जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर खुद को कभी आईपीएस अधिकारी, कभी बेसिक शिक्षा विभाग का वरिष्ठ अधिकारी और कभी खुफिया एजेंसी से जुड़ा सदस्य बताकर लोगों को ठगने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी युवक ने एक युवती को प्रेम संबंध और विवाह के नाम पर झांसे में लिया और बाद में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे और उसके परिवार से लाखों रुपये की कथित ठगी की।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले खुद को बेसिक शिक्षा विभाग में सचिव स्तर का अधिकारी बताकर संपर्क स्थापित किया। धीरे-धीरे उसने विश्वास अर्जित करने के लिए विभिन्न प्रकार के दस्तावेज और आश्वासन दिए। इस दौरान उसने कथित रूप से एक क्लर्क पद का नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराया, जिससे पीड़िता और उसका परिवार उसके दावों पर विश्वास करने लगा।
बाद में जब आश्वासन के अनुसार नौकरी नहीं मिली, तो आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर मामले को और मजबूत करने की कोशिश की और जल्द ही उच्च स्तर पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे के आधार पर पीड़िता और उसके परिजनों से लगातार धनराशि ली जाती रही, जो कथित तौर पर लाखों रुपये तक पहुंच गई।
मामले का खुलासा होने के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरह से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या उसके साथ कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्य, लेन-देन तथा दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
यह मामला एक बार फिर लोगों को यह चेतावनी देता है कि नौकरी दिलाने या सरकारी पदों का दावा करने वाले व्यक्तियों की पहचान और दावों की पूरी तरह से जांच किए बिना किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन न किया जाए।
