राजस्थान में कानून व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है. एक तरफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद मोर्चा संभालते हुए अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी सरकार पर तीखे सवाल उठा रही है. हालात ऐसे हैं कि कानून व्यवस्था का मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का बड़ा केंद्र बन गया है.
राजधानी जयपुर में हाल के दिनों में बढ़ती घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने पुलिस मुख्यालय में करीब पौने 5 घंटे तक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि अपराध को लेकर किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सीएम ने अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई करने, हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने और अपराध रोकने के लिए ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए. साथ ही बड़े अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी देकर निगरानी मजबूत करने को कहा गया है. सरकार का दावा है कि वह कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हालात नियंत्रण में हैं.
कांग्रेस का पलटवार, सरकार पूरी तरह फेल
वहीं कांग्रेस ने सरकार के इन कदमों को महज दिखावा बताया है. पार्टी के मुख्य सचेतक और आदर्श नगर से विधायक रफीक खान ने आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है.
रफीक खान का कहना है कि जयपुर में ही विदेशी महिला से छेड़छाड़, चलती बाइक पर युवती से बदसलूकी और सरेआम मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. उनका तर्क है कि अगर राजधानी का ये हाल है तो दूर-दराज के इलाकों की स्थिति और भी खराब हो सकती है.
बैठकों से नहीं, सख्त कार्रवाई से सुधरेंगे हालात
कांग्रेस नेता का कहना है कि सिर्फ बैठक करने से कुछ नहीं होगा. सरकार को जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करनी होगी. लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ कड़ी सजा जरूरी है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है और आंकड़ों के जरिए अपराध को कम दिखाने की कोशिश की जा रही है. उनके मुताबिक, सरकार असल स्थिति छिपाने में लगी है.
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग
कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग तेज कर दी है. रफीक खान ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार दावा कर रही है कि अपराध कम हुए हैं, तो कम से कम तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर इस पर खुली चर्चा कराई जाए.
उन्होंने कहा कि विधानसभा में बहस होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा. कांग्रेस का आरोप है कि पिछले ढाई साल में सरकार ने कानून व्यवस्था पर गंभीर चर्चा से बचने की कोशिश की है.
फिलहाल राजस्थान में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं. सरकार जहां दावा कर रही है कि पिछले कार्यकाल के मुकाबले अपराध में कमी आई है और हालात नियंत्रण में हैं, वहीं विपक्ष इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रहा है.