मेरठ के सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों का विरोध अब और तेज हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ धरना शनिवार (11 अप्रैल) को अनिश्चितकालीन रूप ले चुका है. हालात ऐसे बन गए कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की आंखों में आंसू और चेहरों पर डर साफ नजर आया.
धरने में इस बार व्यापारियों के परिवार की महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं. हाथों में पोस्टर लिए वे रोती-बिलखती नजर आईं. घर टूट जाएगा, हम कहां जाएंगे जैसे सवालों ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया. कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ धरने में बैठी दिखीं, जिससे स्थिति और गंभीर लगने लगी.
बेहोश हुआ व्यापारी, मची अफरा-तफरी
धरने के बीच अचानक एक व्यापारी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा. इससे मौके पर हड़कंप मच गया. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला और पानी पिलाया, जिसके बाद वह होश में आया. इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई.
इससे पहले व्यापारियों ने अपने घरों के बाहर “पलायन” और “मकान बिकाऊ है” जैसे पोस्टर लगाकर विरोध दर्ज कराया था. उनका कहना है कि पहले उनके व्यापार पर असर पड़ा और अब घरों पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है. इससे उनके सामने रोजी-रोटी और रहने दोनों का संकट खड़ा हो गया है.
सरकार और विभाग पर लगाए आरोप
धरने में शामिल व्यापारियों ने सरकार और आवास विकास विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बिना सही जांच के लागू किया जा रहा है, जिससे आम लोग परेशान हो रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि उन्हें बिना पर्याप्त समय दिए कार्रवाई की जा रही है.
इस पूरे मामले में हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने 15 अप्रैल को मेरठ से दिल्ली तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
फिलहाल सेंट्रल मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. व्यापारी लगातार धरने पर बैठे हैं और अपने परिवार के साथ विरोध जता रहे हैं. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों की चिंता बनी हुई है.