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Bundelkhand News: BJP सांसद अनुराग शर्मा के बयान से मची खलबली, बालू माफियाओं को कहा ‘राज सपूत’

बुंदेलखंड क्षेत्र में बालू माफियाओं के बढ़ते आतंक को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है. झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग शर्मा का एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है. इस बयान में उन्होंने अवैध खनन करने वालों को ‘राज सपूत’ करार दिया है, जिसके बाद पूरे इलाके और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है.

सांसद अनुराग शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बालू माफियाओं पर खुलकर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कुछ लोगों को मैं ‘राज सपूत’ कहता हूं. जिसका राज होता है, उसके सपूत भी होते हैं. लेकिन ये ‘राज सपूत’ ऐसे कामों में लिप्त रहते हैं, जिन्हें करना नहीं चाहिए. बुंदेलखंड में यही राज सपूत बालू का खनन करते हैं, जिन्हें हम सैंड माफिया कहते हैं.”

‘माफियाओं ने आम लोगों की जिंदगी नरक बना दी है’

सांसद शर्मा ने माफियाओं के आतंक का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने आम जनता की जिंदगी को नरक बना दिया है. सड़कों पर मौत बनकर तेज रफ्तार में दौड़ते डंपरों की वजह से आए दिन बच्चों और राहगीरों की जान जा रही है. गांव की सड़कें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं. उन्होंने इसे बुंदेलखंड के लिए एक बहुत बड़ा श्राप बताया. सांसद ने यह भी कहा कि इस अवैध कारोबार के पीछे कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिससे राजनीति की छवि भी खराब हो रही है.

M-Sand प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के दौरान दिया बयान

सांसद ने यह बेबाक बयान सोमवार को झांसी में आयोजित एम-सैंड (M-Sand) प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के एक कार्यक्रम के दौरान दिया. इस कार्यक्रम में झांसी के कई बड़े कारोबारी, उद्यमी और सदर विधायक रवि शर्मा भी मौजूद थे. लेकिन सांसद के इस बयान ने पूरी महफिल की चर्चा का रुख ही मोड़ दिया.

कौन हैं ये ‘राज सपूत’? उठे रहे हैं सवाल

सांसद के इस बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वे ‘राज सपूत’ कौन हैं, जिनकी ओर अनुराग शर्मा ने इशारा किया है? क्या यह बयान किसी खास राजनीतिक समूह या सत्ता से जुड़े लोगों की ओर इशारा करता है? फिलहाल, सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर कर तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं और प्रशासन से इन ‘राज सपूतों’ पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि सांसद की इस खरी-खरी के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है.

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