समुद्र में यात्रा कर रहे एक लग्जरी क्रूज जहाज पर फैले कथित Hantavirus संक्रमण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जहाज में मौजूद यात्रियों के बीच संक्रमण फैलने की खबर के बाद अब तक तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए World Health Organization (WHO) ने निगरानी बढ़ाने और सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है। स्वास्थ्य एजेंसियां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मेडिकल जांच और संपर्क ट्रेसिंग में जुट गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, संक्रमित जहाज पर विभिन्न देशों के यात्री सवार थे, जिनमें दो भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारतीय दूतावास और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जहाज को फिलहाल निगरानी में रखा गया है और कई देशों ने एहतियात के तौर पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों और कृन्तकों के संपर्क से फैलता है। यह वायरस उनके मल, पेशाब या लार के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है। कई मामलों में संक्रमित धूल या बंद जगहों में मौजूद वायरस कणों को सांस के जरिए लेने से भी संक्रमण हो सकता है। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, शरीर दर्द, थकान, सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं शामिल हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि हंटावायरस सामान्य वायरल संक्रमणों की तरह तेजी से व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता, लेकिन बंद वातावरण और सीमित मेडिकल सुविधाओं वाले जहाजों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि क्रूज जहाजों को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। WHO ने सदस्य देशों को सलाह दी है कि समुद्री यात्रा से जुड़े मामलों में स्क्रीनिंग, आइसोलेशन और मेडिकल मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए।
घटना के बाद वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों ने समुद्री यात्रा और अंतरराष्ट्रीय संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में क्रूज जहाज कई बार संक्रामक बीमारियों के फैलाव का केंद्र बन चुके हैं, क्योंकि सीमित जगह में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय तक साथ रहते हैं। ऐसे में किसी भी संक्रमण के फैलने का जोखिम अधिक हो जाता है।
फिलहाल जहाज पर मौजूद यात्रियों की पहचान, उनके संपर्कों और संक्रमण के स्रोत की जांच जारी है। भारतीय अधिकारियों की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित भारतीय नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। WHO ने आम लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
