
दिल्ली-एनसीआर से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर-डबरा क्षेत्र से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो राजधानी में गोलीबारी, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि ISI से जुड़ा एक मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर में बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों की भर्ती सोशल मीडिया के जरिए ‘राणा भाई’ नामक हैंडलर ने की थी, जो सीधे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
पुलिस ने राजवीर को 18 अप्रैल को सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार किया, जबकि विवेक बंजारा को 16 अप्रैल को डबरा से दबोचा गया। राजवीर के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से हथियार जुटाने और दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े होटल या भीड़भाड़ वाले स्थान को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। मार्च 2026 में भट्टी ने राजवीर को अहमदाबाद से हथियार मंगाने के लिए कहा था, जिसके लिए विवेक को भेजा गया, हालांकि डिलीवरी पूरी नहीं हो सकी।
इतना ही नहीं, 9 अप्रैल को दोनों आरोपी अमृतसर पहुंचे, जहां से उन्होंने एक पिस्टल, 15-20 कारतूस और 20 हजार रुपये लिए। 11 अप्रैल को जीरकपुर के एक क्लब पर रंगदारी के लिए फायरिंग की कोशिश की गई, लेकिन पिस्टल में तकनीकी खराबी के कारण वारदात पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान विवेक ने घटना का वीडियो भी बनाया, जिसे शहजाद भट्टी को भेजा जाना था।
इसके बाद आरोपी दिल्ली लौटे और राजधानी में किसी नामी होटल को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें धर दबोचा।
