जा़हिद खान की रिपोर्ट
राजधानी में जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया है। यह कार्रवाई ग्लोबल स्किल पार्क इंद्रपुरी के सामने क्षेत्र में की जा रही है, जहां लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज
प्रशासनिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान क्षेत्र में मौजूद अवैध निर्माण और अस्थायी संरचनाओं को हटाया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार यह अभियान नियोजित विकास और सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाई जा रही
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंद्रपुरी क्षेत्र में लगभग 70 दुकानों और 42 झुग्गी आवासों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। यह अतिक्रमण लंबे समय से सरकारी भूमि पर किया गया था, जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
करोड़ों की जमीन को कराया जा रहा मुक्त
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिस भूमि से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, उसकी बाजार कीमत लगभग ₹50 करोड़ आंकी जा रही है। यह जमीन शहर के एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में स्थित है।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। पूरी कार्रवाई की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
विकास योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा कदम
प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद इस क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी और सरकारी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में आसानी होगी।
इंद्रपुरी में की गई यह कार्रवाई राजधानी में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। हालांकि, यह कदम जहां एक ओर विकास और नियोजन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
