News by Azam lala ✍️✍️
टीन के एक टपरे में बैठे कुछ चेहरे शहर की फिज़ा को ख़ून और दहशत से रंगने की तैयारी में थे। मगर इससे पहले कि कोई बड़ी वारदात शहर की सड़कों पर सनसनी बनती, पुलिस की पैनी नज़र ने पूरे खेल को बेनक़ाब कर दिया। मुखबिर से मिली ख़ुफ़िया इत्तला ने निशातपुरा पुलिस को सतर्क कर दिया कि थाना क्षेत्र का सूचीबद्ध बदमाश राज मंडी अपने साथियों के साथ नवीबाग इलाके में घातक हथियारों से लैस बैठा है और किसी संगीन वारदात की फिराक में है।
इसके बाद थाना प्रभारी मनोज पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फौरन जाल बिछाया। उप निरीक्षक करन सिंह देलमिया ने वायरलेस पर अतिरिक्त बल बुलाया और पुलिस टीम ने बब्लू के प्लाट पर बने टपरे को चारों तरफ़ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस की आहट बदमाशों तक पहुंची, वहां भगदड़ मच गई। अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने वाले राज मंडी और उसके तीन साथियों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।
तलाशी में आरोपियों के पास से प्रतिबंधित छुरियां और गुप्ती बरामद हुईं। इन हथियारों की चमक बता रही थी कि इरादे सिर्फ़ डराने के नहीं, बल्कि शहर का अमन बिगाड़ने के थे। गिरफ्तार आरोपियों में राज ठाकुर उर्फ राज मंडी, आयुष लोहिया, ऋषि श्रवण उर्फ अनुराग और विशाल सूर्यवंशी शामिल हैं। इनमें से राज मंडी पहले से ही कई आपराधिक मामलों में वांछित और थाना निशातपुरा का सूचीबद्ध बदमाश बताया जा रहा है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन धाराओं के करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक राज मंडी का नाम इलाके में दहशत और गुंडागर्दी की पहचान बन चुका था। मगर इस कार्रवाई ने साफ़ कर दिया कि कानून की पकड़ से बचना अब आसान नहीं। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक मनोज पटवा, उप निरीक्षक करन सिंह, उप निरीक्षक अशोक शर्मा, सउनि सतेन्द्र चौबे सहित पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही।
निशातपुरा पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि शहर में अमन कायम रखने का वो पैग़ाम है जिसमें कानून ने एक बार फिर अपराध के इरादों को हथकड़ी पहना दी।
