न्यूज बाय : अनुराधा दुबे
30 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सुबह से दोपहर 1:30 बजे तक कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बाजार ने संभलने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक संकेतों के कमजोर रहने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का भरोसा पूरी तरह नहीं बन पाया। इसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में कारोबार करते रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इस तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है, जो लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और आर्थिक दबाव का कारण बन सकती हैं, इसलिए निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
दोपहर तक सेंसेक्स करीब 74,775 अंक और निफ्टी 23,547 अंक के आसपास कारोबार करता नजर आया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों में दबाव देखने को मिला, जबकि चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी दर्ज की गई। हालांकि कुल मिलाकर बाजार में बिकवाली का असर अधिक दिखाई दिया, जिससे सूचकांक मजबूती हासिल नहीं कर सके।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
