न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
50 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी में, जब आम लोगों के लिए कुछ मिनट धूप में खड़ा रहना भी बेहद कठिन हो जाता है, तब भारत के सीमा सुरक्षा बल के जवान दिन-रात देश की सीमाओं पर मुस्तैदी से डटे रहते हैं। तपती रेत, गर्म हवाएं, पानी की कमी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
सीमा पर तैनात जवानों का काम केवल गश्त करना ही नहीं होता, बल्कि हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखना, घुसपैठ की कोशिशों को रोकना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी होता है। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से लेकर अन्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों तक, कई जगहों पर तापमान 50 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। ऐसे हालात में लंबे समय तक भारी वर्दी और आवश्यक उपकरणों के साथ ड्यूटी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
जब देश के अधिकांश लोग अपने घरों, दफ्तरों या ठंडी जगहों पर राहत तलाश रहे होते हैं, तब ये जवान खुले आसमान के नीचे राष्ट्र की रक्षा में लगे रहते हैं। उनका त्याग, अनुशासन और समर्पण ही करोड़ों भारतीयों को सुरक्षित जीवन जीने का भरोसा देता है। देश की सीमाओं की सुरक्षा में जुटे सभी जवानों को सलाम। उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
