मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को दो दिवसीय दौरे पर कूनो पहुंचेंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दौरे को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति कूनो में बोत्सवाना से लाए गए शेष चीतों को खुले जंगल में छोड़ सकती हैं।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति का यह दौरा मध्य प्रदेश में किसी राष्ट्रपति के सबसे लंबे प्रवासों में से एक माना जा रहा है। कार्यक्रम के तहत उनका कूनो नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम भी प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू चीता पुनर्स्थापना परियोजना से जुड़ा हुआ है। भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को दोबारा बसाने के लिए शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नामीबिया और बोत्सवाना से चीतों को कूनो लाया गया था। पिछले कुछ वर्षों में इन चीतों को विशेष बाड़ों में रखकर उनकी निगरानी की गई और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्हें तैयार किया गया। अब शेष चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की संभावना को इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राष्ट्रपति की मौजूदगी में चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाता है, तो यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि भारत के वन्यजीव संरक्षण इतिहास में एक महत्वपूर्ण और यादगार क्षण के रूप में दर्ज होगा। इससे चीता पुनर्स्थापना परियोजना को नई गति और वैश्विक पहचान मिलने की भी उम्मीद है।
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए कूनो नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पार्क परिसर, हेलीपैड, विश्राम स्थल और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति को कूनो में चल रही विभिन्न संरक्षण गतिविधियों, वन्यजीव प्रबंधन और चीता परियोजना की प्रगति की जानकारी भी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें चीतों की निगरानी, उनके स्वास्थ्य और प्रजनन से जुड़ी उपलब्धियों से भी अवगत कराया जाएगा।
कूनो नेशनल पार्क आज देश के सबसे चर्चित वन्यजीव अभयारण्यों में शामिल है। चीता पुनर्स्थापना परियोजना के कारण यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल कूनो के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूती प्रदान करेगा।
अब सभी की निगाहें 21 जून पर टिकी हैं, जब राष्ट्रपति का कूनो दौरा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।
