खेजड़ा गांव के खसरा नंबर 169/1 की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है, जिसने अब प्रशासनिक कार्रवाई को भी विवादों में ला दिया है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में धारा 250 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है, जबकि धारा 285 के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित पक्ष को कल ही नोटिस दिया गया है। नियमों के अनुसार, धारा 285 की कार्रवाई में कम से कम एक सप्ताह पहले नोटिस दिया जाना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां जल्दबाजी में नोटिस दिए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी बीच, नोटिस देने के तुरंत बाद प्रशासनिक टीम मौके पर बेदखली की कार्रवाई करने पहुंच गई, जिससे विवाद और बढ़ गया। मौके पर पहुंचे एक पक्ष के मनोज ने आरोप लगाया कि बिना विधिवत नपती (मापन) के ही प्रशासन कब्जा दिलाने पहुंच गया, जो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि जमीन की सही सीमांकन प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी एक पक्ष को कब्जा दिलाना नियमों के खिलाफ है।
घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ, जिसकी सूचना हुजूर एसडीएम तक पहुंच गई है। स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और कभी भी यह विवाद बड़ा रूप ले सकता है।
अगर इस जमीनी विवाद में तहसील स्तर के वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी समय रहते मामले को गंभीरता से संज्ञान में नहीं लेते हैं, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया, सही मापन और नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
NEWS BY : AAZAM LALA
