गोपाल देवकर/बुरहानपुर । मानसून की पहली तेज बारिश ने बुरहानपुर शहर की व्यवस्थाओं और तैयारियों की परीक्षा ले ली। बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों और चौराहों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी के साथ अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी ले चुका है। कांग्रेस ने नगर निगम और भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है, जबकि भाजपा और प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए स्थिति को असामान्य वर्षा और तकनीकी कारणों से जोड़कर देखा है।
बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आईं। कई क्षेत्रों में लोगों को जलभराव के कारण मार्ग बदलने पड़े, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान जारी सड़क निर्माण कार्यों से भी लोगों की परेशानी बढ़ने की बात सामने आई। नागरिकों के बीच जल निकासी व्यवस्था और पूर्व तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र, राज्य और नगर निगम में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद पहली ही बारिश में शहर को जलभराव से जूझना पड़ा। कांग्रेस का आरोप है कि विकास कार्यों और करोड़ों रुपये के दावों के बावजूद जमीन पर व्यवस्थाएं प्रभावी नजर नहीं आईं।
कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी ने कहा कि जल निकासी और शहरी व्यवस्थाओं को लेकर किए गए दावे पहली बारिश में ही चुनौती के घेरे में दिखाई दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को नगर निगम परिषद की बैठक में भी उठाया जाएगा।
वहीं नगर निगम प्रशासन ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कम समय में अत्यधिक वर्षा होने के कारण कुछ स्थानों पर पानी भरने की स्थिति बनी। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति बेहतर रही है और जहां भी समस्या सामने आई है वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम की ओर से यह भी बताया गया कि इंदौर–इच्छापुर नेशनल हाईवे स्थित शनवारा चौराहे क्षेत्र में जल निकासी मार्ग में प्लास्टिक और पॉलिथीन जमा होने से पानी निकासी प्रभावित हुई थी, जिसके कारण अस्थायी रूप से जलभराव की स्थिति बनी। प्रशासन का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में इस तरह की समस्या नहीं होगी।
उधर बुरहानपुर दौरे पर पहुंचे खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने भी कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक आरोप लगा रहा है और यदि कहीं तकनीकी कमियां हैं तो संबंधित एजेंसियों के माध्यम से उन्हें दूर कराया जाएगा।
फिलहाल पहली ही बारिश के बाद शहर में जलभराव का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर विपक्ष इसे विकास कार्यों की विफलता बता रहा है तो दूसरी ओर प्रशासन और भाजपा इसे मौसम की स्थिति और तकनीकी कारणों से जोड़ रहे हैं।
अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले बारिश के दौर में जल निकासी व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या लोगों को राहत मिल पाती है या नहीं।
