भोपाल। मध्य प्रदेश के एक किसान परिवार की बेटी अंजलि सोंधिया ने संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की ऐसी मिसाल पेश की है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। 10वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही उनकी शादी तय कर दी गई थी, लेकिन उन्होंने सामाजिक दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने सपनों को चुना। कई कठिनाइयों और लगातार तीन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 9 हासिल कर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जगह बनाई।
अंजलि एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं, लेकिन ग्रामीण परिवेश और सामाजिक परंपराओं के कारण कम उम्र में उनकी शादी तय कर दी गई। उन्होंने अपने परिवार को शिक्षा का महत्व समझाया और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत जारी रखी। UPSC की तैयारी के दौरान उन्हें तीन बार असफलता मिली, वहीं पिता के निधन ने भी उन्हें गहरा आघात पहुंचाया। इन कठिन परिस्थितियों में उनकी मां ने उनका हौसला बढ़ाया और हर कदम पर उनका साथ दिया।
लगातार संघर्ष और वर्षों की मेहनत का परिणाम चौथे प्रयास में मिला, जब अंजलि ने UPSC परीक्षा में देशभर में 9वीं रैंक हासिल कर भारतीय विदेश सेवा के लिए चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां और असफलताएं मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर जारी रहें।
