मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने 11 मई, 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार ने भारत को 50 मिलियन डॉलर (लगभग ₹425 करोड़) के दूसरे ट्रेजरी बिल (T-Bill) का पूरा भुगतान कर दिया है। भुगतान का विवरण और भुगतान राशि 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर($50 Million), जो भारतीय मुद्रा में करीब 425 करोड़ रुपये है। लेनदेन का तरीका: यह राशि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ट्रांसफर की गई है, जिसने 2019 में इन बिलों को सब्सक्राइब किया था। ये ट्रेजरी बिल पिछली सरकार ने 2019 में बजट घाटे को पूरा करने के लिए जारी किए थे। इससे पहले, मुइज्जू प्रशासन ने जनवरी 2024 में पहले 50 मिलियन डॉलर के बिल का भुगतान किया था। प्रमुख बिंदु और रणनीतिक महत्व कर्ज के बोझ में कमी: राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि इस भुगतान का उद्देश्य देश पर बाहरी ऋण के बोझ को कम करना है। उन्होंने इसे पिछली सरकार द्वारा बनाए गए “कर्ज के जाल” से लोगों को बचाने वाला कदम बताया।
अगला भुगतान: कुल 150 मिलियन डॉलर के इस ऋण पैकेज में से अब केवल एक 50 मिलियन डॉलर का बिल शेष है, जो 17 सितंबर, 2026 को देय है। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ है जब मालदीव और भारत के संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था। हालांकि, भारत ने हाल ही में मालदीव के अनुरोध पर कुछ ऋणों को ‘रोलओवर’ (समय सीमा बढ़ाना) कर उसकी आर्थिक मदद भी की है। मुइज्जू ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने पिछले 40 दिनों में सुकुक और करेंसी स्वैप सहित कुल 974 मिलियन डॉलर का कर्ज चुकाया है। ट्रेजरी बिल (T-Bills) क्या हैं?
ये अल्पकालिक सरकारी ऋण साधन (Short-term debt instruments) होते हैं जिनके माध्यम से सरकारें अपनी तत्काल वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए निवेशकों (जैसे SBI) से धन जुटाती हैं।
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
