मध्य प्रदेश जेल विभाग में लंबे समय बाद बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से कई जेल अधीक्षकों और 20 डिप्टी जेलरों के तबादले किए हैं। हाल के दिनों में जेलों से जुड़ी कई घटनाओं के बाद यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तबादला आदेश के तहत मानवेन्द्र सिंह परिहार को भोपाल सेंट्रल जेल का नया अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं ग्वालियर सेंट्रल जेल में अधीक्षक रहे विदित सरवैया को हटाकर वापस शिवपुरी जिला जेल भेज दिया गया है। ग्वालियर जेल में हाल ही में नशा तस्करी और कैदियों से कथित रूप से पैसे वसूली से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। यह पहली बार माना जा रहा है जब जेल के अंदर की ऐसी गतिविधियों के वीडियो सार्वजनिक रूप से सामने आए।
ग्वालियर सेंट्रल जेल की जिम्मेदारी अब राकेश भांगरे को सौंपी गई है। वहीं हेम सरिता मिंज, जो पिछले लगभग नौ वर्षों से गोहद उप जेल में पदस्थ थीं, उन्हें ग्वालियर सेंट्रल जेल भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही गोहद उप जेल से पॉक्सो एक्ट का एक बंदी दिनदहाड़े फरार हो गया था, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
इसके अलावा दिनेश नरगावे को इंदौर सेंट्रल जेल का अधीक्षक बनाया गया है, जबकि अलका सोनकर को इंदौर केंद्रीय जेल से हटाकर जेल मुख्यालय में अटैच किया गया है। विभाग ने जेल प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए कई अन्य अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया है।
जेल विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह तबादला प्रक्रिया केवल नियमित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि हाल के घटनाक्रमों के बाद सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम भी है। माना जा रहा है कि नई पदस्थापनाओं के बाद जेलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
