Madhya Pradesh में किसानों की फसलों के उचित दाम और समर्थन मूल्य की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेशभर में आयोजित इस आंदोलन के तहत मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र में चक्काजाम किया गया। हजारों किसानों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कई जगहों पर हाईवे जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित रहा।
आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी Harish Chaudhary, प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari और नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने किया। कांग्रेस नेताओं ने Morena, Gwalior, Shivpuri, Guna, Shajapur, Indore और Khalghat सहित कई जिलों में धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम का नेतृत्व किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग दोहराई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसानों से गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल, धान का 3100 रुपये और सोयाबीन का 6000 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द मांगें नहीं मानती, तो आंदोलन को पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार “कुंभकरण की नींद” सो रही है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। सिंघार ने कहा कि किसान अब अपने हक के लिए सड़कों पर उतर चुका है और सरकार को जवाब देना भी जानता है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जबकि किसानों को लागत के अनुरूप फसल का दाम नहीं मिल रहा।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन किसानों की आवाज को बुलंद करने के लिए किया गया है और आने वाले समय में इसे और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावी रणनीति और ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं।
