न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला (Global Sumud Flotilla) के कार्यकर्ताओं के साथ अशदोद बंदरगाह (Ashdod Port) पर ज़िप-टाई बांधने, दुर्व्यवहार करने और जबरन इज़रायल का राष्ट्रगान “हातीक्वाह” (Hatikvah) सुनाए जाने का मामला सोशल मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के बीच बेहद चर्चा में है। यह घटना इस मानवीय सहायता मिशन पर इज़रायली कार्रवाई के बाद सामने आई है।
घटनाक्रम और दुर्व्यवहार के आरोप :
ज़बरदस्ती राष्ट्रगान सुनाना: सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और वीडियो के अनुसार, इज़रायली हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को ज़िप-टाई (प्लास्टिक की हथकड़ी) से बांधा गया। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए इज़रायल का राष्ट्रगान “हातीक्वाह” ज़बरदस्ती सुनाया गया। शारीरिक हिंसा के आरोप: कार्यकर्ताओं और कुछ स्वतंत्र मीडिया नेटवर्कों द्वारा आरोप लगाया गया है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें एक महिला कार्यकर्ता को मुक्का मारे जाने का दावा भी शामिल है।
“वेलकम टू हेल” बयान: इज़रायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ईतामार बेन-गवीर (Itamar Ben Gvir) ने इस कार्रवाई को लेकर एक बेहद कड़ा बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा, “वेलकम टू हेल (नर्क में स्वागत है)। समर कैंप अब खत्म हो चुका है।” उनके इस बयान की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है।
इज़रायल द्वारा जहाजों को रोकना समुद्र में कार्रवाई: इज़रायली नौसेना की विशिष्ट कमांडो यूनिट (Shayet 13) ने गज़ा पट्टी की ओर बढ़ रहे इस सहायता बेड़े को अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में घेरकर अपने नियंत्रण में ले लिया था। अशदोद बंदरगाह पर स्थानांतरण: पकड़े गए जहाजों और कार्यकर्ताओं को एक बड़े सैन्य पोत (जिसे कार्यकर्ताओं ने ‘तैरती हुई जेल’ कहा) के ज़रिए इज़रायल के अशदोद बंदरगाह पर लाया गया, जहां उनकी जांच और प्रोसेसिंग की जा रही है |
