भोपाल में 26 अप्रैल 2026 को ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ हुआ, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम दो जगह हुआ: कोहेफिजा MIG कॉलोनी और फतेहगढ़ इमामबाड़ा।
इस जलसे का उद्देश्य मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द बढ़ाना था। मौलाना इलाही ने संक्षिप्त संबोधन दिया और अनुवादक के जरिए लोगों से संवाद किया।
भोपाल में ईरानी डेरा है, जहां हर मोहर्रम पर खामेनेई और खोमैनी के पोस्टर लगते हैं। पिछले साल इजराइल-ईरान जंग के बाद पोस्टरों की संख्या बढ़ गई थी।
यह दौरा भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब और भारत-ईरान के धार्मिक रिश्तों को मजबूत करने का हिस्सा है। ईरान के लिए यह अपने वैचारिक प्रभाव को बनाए रखने का तरीका है, जबकि भोपाल के लिए अपनी समावेशी पहचान दिखाने का मौका है।
इस जलसे में शिया-सुन्नी एकता की कोशिश की गई, जो भोपाल की तहजीब का हिस्सा है। ईरान की सॉफ्ट डिप्लोमेसी के तहत ऐसे दौरे धार्मिक के साथ-साथ कूटनीतिक संदेश भी देते हैं।
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
