news by azam lala ✍️✍️✍️✍️
एसडीओपी मंजू चौहान की क़ियादत में ईटखेड़ी पुलिस की शानदार कामयाबी:
Bhopal देहात के Ithkhedi थाना क्षेत्र में एक शादी की महफ़िल उस वक़्त ग़म में बदल गई, जब खुशियों के बीच एक शातिर चोर ने भरोसे पर डाका डालते हुए मासूम बच्ची के ज़ेवरात पर हाथ साफ़ कर दिया। लेकिन अपराधियों के लिए “लेडी डॉन” और आम जनता के लिए इंसाफ़ की मूरत कही जाने वाली Manju Chauhan की क़ियादत में Bhopal Rural Police ने चंद घंटों में मुल्ज़िम को बेनक़ाब कर दिया।
संगीत की धुनों के बीच दाख़िल हुआ एक ख़ामोश चोर :
13 मई 2026 की रात लांबाखेड़ा बायपास स्थित “दा गार्डन टेल्स” मैरिज गार्डन रोशनी, संगीत और खुशियों से जगमगा रहा था। कोई रस्मों में मसरूफ़ था, कोई मेहमाननवाज़ी में, तो कोई थकान मिटाने के लिए कमरे में आराम कर रहा था।
इसी बेफ़िक्री के माहौल में एक शातिर चोर कमरा नंबर 103 तक पहुँचा और बैग की ज़िप तोड़कर चार चांदी की चूड़ियाँ, एक पायल, दो जोड़ी बिछिया, एक सोने की हाई और एक चांदी की चेन लेकर रफ़ूचक्कर हो गया। कुल क़ीमत लगभग 60 हज़ार रुपये बताई गई।
मामला पहुँचा थाने, शुरू हुई तेज़ रफ़्तार तहक़ीक़ात :
घटना की जानकारी मिलते ही Ithkhedi Police Station के थाना प्रभारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। Manju Chauhan ने बिना देर किए एक विशेष टीम गठित की और हर पुलिसकर्मी को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपीं।
किसी को सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम मिला, किसी को मेहमानों से पूछताछ की जिम्मेदारी, और किसी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुँचने का कार्य।
सीसीटीवी बना सबसे बड़ा गवाह :
कैमरों की निगाह ने उस शख़्स को कैद कर लिया जो रात 11:53 बजे कमरे में दाख़िल हुआ और कुछ देर बाद बाहर निकलता दिखाई दिया। यही सुराग़ पुलिस को सीधे मुल्ज़िम तक ले गया।
जुर्म क़ुबूल, पूरा मसरूक़ा बरामद :
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रीतम मेहर (23 वर्ष) को हिरासत में लिया। सख़्त पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कब्ज़े से पूरा चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया और उसे अदालत में पेश किया गया।
अपराधियों के लिए सख़्त पैग़ाम :
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि शादी-ब्याह जैसे मौकों पर अपराधी लोगों की बेफ़िक्री का फ़ायदा उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब नेतृत्व दृढ़ हो, टीम संगठित हो और जांच पेशेवर ढंग से हो, तो जुर्म अधिक समय तक छिप नहीं सकता।
ख़ुलासा –
ईटखेड़ी की यह कामयाबी केवल एक चोरी का खुलासा नहीं, बल्कि पुलिस की मुस्तैदी, नेतृत्व और टीमवर्क की मिसाल है। एक तरफ़ शादी की खुशियों को चुराने वाला शातिर चोर था, तो दूसरी तरफ़ इंसाफ़ के लिए संकल्पित पुलिस टीम। नतीजा वही हुआ जो होना चाहिए था—जुर्म बेनक़ाब हुआ, मसरूक़ा बरामद हुआ और कानून की जीत हुई।
