उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 22 नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शिप्रा नदी पर नए घाटों का विकास, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क, रेल और हवाई संपर्क को भी बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का अवसर है।
सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक सुविधाओं से युक्त व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अभी से तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
