दाऊदी बोहरा समाज ने 26 मई 2026 को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पावन पर्व पूरे उत्साह, आस्था और सामाजिक एकता के साथ मनाया। भारत सहित दुनिया के कई देशों में समाज के लोगों ने इस अवसर पर धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
ईद-उल-अज़हा इस्लामी परंपरा में त्याग, समर्पण और ईश्वर के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है। दाऊदी बोहरा समाज ने इस पर्व को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और सामुदायिक सहयोग के रूप में भी प्रस्तुत किया। समाज के लोगों ने विशेष नमाज़ अदा की और परिवारों के साथ मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
दाऊदी बोहरा समाज अपनी विशिष्ट धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। समुदाय कई बार चांद और धार्मिक कैलेंडर के आधार पर अन्य मुस्लिम संप्रदायों से एक या दो दिन पहले ईद का त्योहार मनाता है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष समाज ने 26 मई 2026 को ईद-उल-अज़हा का पर्व मनाया।
पर्व के दौरान समाज के लोगों ने जरूरतमंदों की सहायता, आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक सद्भाव को भी प्राथमिकता दी। समुदाय के कई स्थानों पर सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटी और समाज में एकता व सहयोग का संदेश दिया।
यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देता है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता, अनुशासन और मानव सेवा भी किसी भी समाज की मजबूत पहचान बन सकती है।
