विकास प्राधिकरण को मंजूरी
भोपाल| प्रदेश में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ीघाट क्षेत्र को मिलाकर एक नया विकास प्राधिकरण गठित करने को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से खंडवा और खरगोन जिलों के विकास कार्यों में तेजी आएगी और दोनों जिलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, अलग प्राधिकरण बनने से सभी विकास गतिविधियां समय सीमा के भीतर पूरी करने में मदद मिलेगी।
आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा
ओंकारेश्वर में एक बड़े अस्पताल और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्माण कार्य किसी भी प्रकार की आपदा (Disaster) की स्थिति में तुरंत चिकित्सा और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध होगा।

वैकल्पिक मार्ग और घाटों का विकास
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और यातायात की सुगमता के लिए ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग (Alternative Route) विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर बन रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही घाटों तक आने-जाने वाले रास्तों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी समानांतर रूप से किया जाएगा।
आश्रमों और गुरुकुलों की भागीदारी
शिप्रा नदी के घाटों के पास स्थित स्थानीय आश्रमों और गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन (Management) से जोड़ा जाएगा। इस पहल से न केवल आश्रमों और गुरुकुलों को मदद मिलेगी, बल्कि सिंहस्थ मेला समाप्त होने के बाद भी लंबे समय तक घाटों का सही रखरखाव और उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
यह सभी महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सिंहस्थ 2028 के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में लिए गए, जिसमें कुल 17 नए कार्यों को स्वीकृति दी गई।

