आंधी, तूफान और बारिश से तबाह हुए किसान, विशेष राहत पैकेज और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग |
रिपोर्ट: गोपाल देवकर
बुरहानपुर। जिले में पिछले एक माह से लगातार खराब मौसम किसानों के लिए भारी संकट बनकर सामने आया है। तेज आंधी, तूफान और बारिश ने जिले की प्रमुख नकदी फसल केला को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। किसानों का दावा है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिले में करीब 300 करोड़ रुपये की केला फसल नष्ट हो चुकी है। फसलों को हुए भारी नुकसान के चलते किसान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और अब सरकार से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं।
बुरहानपुर प्रदेश के प्रमुख केला उत्पादक जिलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए केला उत्पादन पर निर्भर हैं। इस वर्ष किसानों ने बेहतर उत्पादन की उम्मीद में खेती पर लाखों रुपये खर्च किए थे, लेकिन लगातार बदलते मौसम और तेज हवाओं ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। हजारों एकड़ में खड़ी केला फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कई किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए बैंक और निजी संस्थाओं से ऋण लिया था। फसल नष्ट होने के बाद अब उनके सामने कर्ज चुकाने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई किसानों के पास खेतों में गिरे हुए केले के पौधों को हटाने और अगली फसल की तैयारी करने तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और परिवार के पालन-पोषण की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के बाद मिलने वाली राहत राशि वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम होती है। वहीं फसल बीमा योजना का लाभ भी अधिकांश किसानों तक समय पर नहीं पहुंच पाता। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर शाहपुर क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न गांवों के किसान मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले एकत्रित हुए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए, फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा खेती के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मराठा सेवा संघ कृषि के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चौधरी ने कहा कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। यदि सरकार द्वारा समय रहते राहत नहीं दी गई तो आने वाले समय में किसानों के सामने खेती जारी रखना और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का तत्काल सर्वे कर वास्तविक स्थिति के आधार पर मुआवजा देने की मांग की।
किसान मुकेश बुंगाल ने बताया कि इस बार मौसम की मार ने किसानों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो गई है और अब भविष्य की खेती को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
लगातार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित बुरहानपुर के किसान अब सरकार और प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त सहायता नहीं मिली, तो इसका असर न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा, बल्कि जिले की कृषि व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
