खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर लगेगा जुर्माना
भोपाल मप्र | भोपाल नगर निगम की विशेष बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। निगम ने स्पष्ट किया कि खुले में कचरा फेंकने, जलाने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही बड़े आयोजनों के लिए पूर्व सूचना और पंजीयन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
100 से अधिक लोगों के आयोजन की देनी होगी पूर्व सूचना
बैठक में बताया गया कि यदि किसी कार्यक्रम, प्रदर्शनी या आयोजन में 100 या उससे अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है तो आयोजकों को निगम पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। साथ ही आयोजन से कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को इसकी जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल का बनेगा कचरा प्रबंधन एक्शन प्लान
आईएसबीटी स्थित निगम मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के विशेषज्ञ अतुल खरे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम आगामी पांच वर्षों के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेगा। इसके तहत शहर में उत्पन्न होने वाले कचरे की मात्रा, उसके निपटान और उस पर आने वाले खर्च का आकलन किया जाएगा।
बड़ी सोसायटियों और संस्थानों का होगा सर्वे
नए नियमों के तहत बड़ी आवासीय सोसायटियों, बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक परिसरों का सर्वे किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि वहां गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण तथा निपटान की क्या व्यवस्था है। स्कूलों और कॉलेजों को भी नियमों के दायरे में शामिल किया गया है।
संसाधनों और बजट को लेकर पार्षदों का हंगामा
प्रस्तुतीकरण के बाद सदन में पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और संसाधनों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान ने सवाल उठाया कि जब कई वार्डों में कचरा वाहन खराब होने पर कई दिनों तक कचरा नहीं उठता और कर्मचारियों की कमी बनी हुई है, तो नए नियमों को प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाएगा।
सफाईकर्मियों की घटती संख्या पर चिंता
भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे ने कहा कि वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हो रही है, जबकि कचरे का भार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सभी वार्डों में पर्याप्त सफाईकर्मी उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं पार्षद देवेंद्र भार्गव ने बड़े उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमों के तहत सख्ती से वसूली करने का सुझाव दिया।
पॉलिथीन और कचरा उठाने की व्यवस्था पर विपक्ष का निशाना
विपक्ष की भूमिका निभा रहे पार्षद मो. सरवर ने आरोप लगाया कि शहर में पॉलिथीन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि नालियों से निकाला गया कचरा कई बार सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता है, जिसे समय पर नहीं उठाया जाता और बाद में वही कचरा दोबारा फैल जाता है।
धीमी कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके वार्ड में आंधी से गिरे एक पेड़ को हटाने में छह दिन लग गए। हालांकि भाजपा पार्षदों ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा कि उनके क्षेत्रों में ऐसी स्थिति नहीं है।
महापौर मालती राय ने दी फील्ड में जाने की सलाह
चर्चा के दौरान महापौर मालती राय ने कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन फील्ड में जाकर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के आधार पर व्यवस्थाओं का सही मूल्यांकन संभव नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में पहली बार दिखे मो. सरवर
बैठक में एक राजनीतिक बदलाव भी देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के पारिवारिक कारणों से शहर से बाहर रहने के चलते उनकी अनुमति और अधिकृत पत्र के आधार पर वार्ड-16 के पार्षद मो. सरवर ने सदन में पहली बार नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई।
पर्यावरण दिवस के निर्देशों के तहत बुलाई गई बैठक
नगर निगम की यह विशेष बैठक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के तहत आयोजित की गई। विभाग ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नगरीय निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत भोपाल में यह बैठक संपन्न हुई।

